संसद के मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों में विपक्ष का हंगामा लगातार जारी है। हंगामे के कारण बार-बार संसद की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ रही है। गतिरोध दूर करने की सरकार की अब तक की हर कोशिश नाकाम रही है। विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा चाहता है। गृह मंत्री से संसद में बयान देने की मांग कर रहा है। वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ तौर पर कहा है कि सदन में जिस मंत्री का काम होता है, वही जवाब देते हैं। विपक्ष यह तय नहीं करेगा कि कौन सा मंत्री कब आएगा। यह विपक्ष तय नहीं करता है। किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए ये भी कहा है कि जब गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देंगे तो विपक्ष उसे सुन नहीं पाएगा।
क्या बोले किरेन रिजिजू?
संसद में हंगामे के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर कड़ा हमला बोला। रिजिजू ने कहा- "नारेबाजी करना और हंगामा करना विपक्ष की आदत बन गई है। गृह मंत्री अमित शाह का नाम सुनते ही चरमपंथी और आतंकवादी भी कांप उठते हैं। जिस दिन गृह मंत्री सदन में अपना बयान देंगे, उस दिन विपक्ष की मुश्किलें बढ़ जाएंगी आप उनका जवाब सुन नहीं पाएंगे। सदन में जिस मंत्री का काम होता है, वही जवाब देते हैं। विपक्ष यह तय नहीं करेगा कि कौन सा मंत्री कब आएगा। यह विपक्ष तय नहीं करता है।"
'परिसीमन और महिला आरक्षण बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे'
किरेन रिजिजू ने कहा, "सरकार के पास कई ऐसे महत्वपूर्ण बिल हैं, जिन्हें हम लेकर आ रहे हैं। मैं फिर से अपील करता हूं। कांग्रेस पार्टी के नए संसद जो चुनकर आए हैं, उन्हें बोलने का मौका ही नहीं मिलता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हंगामा करते हैं और नए नेताओं को बोलने का मौका नहीं मिलता है, इसमें किसकी गलती है? परिसीमन और महिला आरक्षण बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। कांग्रेस के लोग इसका विरोध करते हैं। ये तो एक तरह से देश की महिलाओं के साथ धोखा है। हमारे संकल्प के बारे में तो सभी जानते हैं। कांग्रेस को महिला विरोधी होने के अपने इस रुख के कारण झेलना पड़ेगा।" आपको बता दें कि सरकार संसद में जल्द ही परिसीमन बिल को ला सकती है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार के पास इस बिल को लेकर पर्याप्त समर्थन मौजूद है।
'अमित शाह बोलेंगे तो विपक्ष को चुपचाप बैठकर सुनना पड़ेगा'
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "संसद में चर्चा कम हो रही है। इसका कारण है कि विपक्ष और कांग्रेस पार्टी ने हंगामा करके नारेबाजी की। सदन की कार्यवाही चल रही है, बिल पारित हुए हैं। हालांकि, चर्चा कम हुई है क्योंकि हंगामा हो रहा है। गृह मंत्री अमित शाह सुबह से लेकर देर रात तक संसद में ही रहते हैं। विपक्ष का नाटक नहीं होना चाहिए। सदन के भीतर कौन सा मंत्री कितने समय तक बोलेगा ये अध्यक्ष के अनुमोदन से सदन द्वारा तय किया जाता है। ये विपक्ष तय नहीं कर सकता है कि कौन सा मंत्री कब तक बोलेगा। जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बोलेंगे तो इन्हें (विपक्ष) चुपचाप बैठकर सुनना पड़ेगा। जब ये लोग सुन नहीं पाएंगे और सदन से भागेंगे तो इन्हें माफी मांगनी पड़ेगी। इतने दिनों तक जो हंगामा हुआ, उस पर माफी मांगनी पड़ेगी।"
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किरण रिजिजू और राहुल गांधी की फिर हुई बातचीत, महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर हुई चर्चा